शिप्रातट पर गुड़ी पड़वा पर सूर्य को अर्घ्य देकर नव वर्ष का स्वागत

निरंजन उदीवाल, उज्जैन। क्षिप्रा तट स्थित दत्त अखाड़ा और रामघाट पर गुड़ी पड़वा नववर्ष पर सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इस अवसर पर मुख्यातिथि संत श्री ज्ञानदास जी महाराज, विक्रम विश्वविद्यालय, के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज, श्री राम तिवारी निदेशक विक्रमादित्य शोध पीठ, श्री राजेश कुशवाह कार्य परिषद सदस्‍य सम्राट विक्रमादित्‍य विश्‍व विद्यालय, प्रो. रमन सोलंकी, श्री अर्जुन गौतम, पं. नारायण उपाध्याय, आचार्य वासुदेव पुरोहित, श्री अनंत नारायण मीणा, पं. सुरेन्द्र चतुर्वेदी, पं. दिनेश रावल, श्रीमती पलक पटवर्धन, श्री दिनेश दिग्गज आदि समाजजन भी उपस्थित थे । कार्यक्रम में मां शिप्रा का पूजन पंडित गौरव उपाध्याय के सानिध्‍य में अतिथियों से सम्‍पंन कराया गया। सभी अतिथियों ने सूर्य को अर्घ्य देकर नववर्ष का अभिनंदन किया। श्रीमती पलक पटवर्धन की संस्‍था द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में अतिथियों ने विक्रम ध्वज फहराया और वैदिक मंत्रोंच्‍चार के साथ कलश पूजन किया गया। इस दौरान संभागायुक्त श्री आशीष सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती कथाकार्तिकी सिंह ने भी गुड़ी का पूजन किया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर ब्रह्मध्वज आरोहण, परंपरानुसार नीम मिश्रित जल से अभिषेक किया

निरंजन उदीवाल, उज्जैन।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा के अवसर पर परंपरानुसार श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर का ध्वज बदला गया। इस अवसर पर मंदिर के शिखर पर सूर्य चिन्ह वाला केसरिया ब्रह्म ध्वज आरोहण किया गया।
सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को ब्रह्म ध्वज उपलब्ध कराया गया।
ब्रह्म ध्वज का श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा में महंत श्री विनीत गिरी जी महाराज के सानिध्य में विधिवत पूजन के पश्चात श्री महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुड़ी पड़वा नववर्ष विक्रम संवत 2083 पर्व पर श्री महाकालेश्वर भगवान का आरती के पूर्व नीम मिश्रित जल से अभिषेक किया गया एवं भोग आरती के पश्चात मंदिर के पूजन नैवेद्य कक्ष में शासकीय पुजारी श्री घनश्याम शर्मा द्वारा गुड़ी उभारी व पञ्चाङ्ग का पूजन किया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर सभामण्डप में विराजित अवंतिका माता मंदिर में श्रृंगार एवं घट स्थापना कर आरती संपन्‍न की गई।

Pradeep Jaiswal

Political Bureau Chief

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