


बमनाला मुकेश जायसवाल जयहिन्द न्यूज़। महिला मंडल द्वारा स्थानीय राधेकृष्ण मंदिर मे चल रही सात दिवसीय संगीतमय में श्रीमद् भागवत कथा का शनिवार मे समापन हुआ।
जानकारी के अनुसार महिला मंडल के तत्वावधान मे आयोजित श्रीमदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ का रसास्वादन विद्वान पं सौरंभ (देवदासजी ) सोहनी ने किया। समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि सत्कर्म कभी निष्फल नही जाता है जिस मनुष्य पर भगवान की कृपा होती है वही सत्कर्म सत्संग पूजा अर्चना भक्ति करता है। पांच तत्व से हमारा शरीर बना है जिसमे मन और बुद्धि मे अहंकार है अहंकार मनुष्य का शत्रु है और ईश्वर का आहार है। संसार रूपी जीव प्रकृति के अधीन है लेकिन ईश्वर प्रकृति को अपने वश मे करते है। मनुष्य अपने स्वभाव के अधीन रहता है जीवन मे सत्संग से ही जप ध्यान सेवा स्मरण समर्पण से अपने स्वभाव को बदल सकता है। जो व्यक्ति अपने विलासी जीवन तथा शारीरिक सुखो मे रमा रहता है वही राक्षस रुपि भौमासुर है । कथाकार प . सोहनी ने आगे बताया कि महाभारत ग्रंथ ही भक्ति और ज्ञान का बोध् कराता है जिससे कौरव रूपी विध्न डालते है हमारा शरीर ही धर्मक्षेत्र एवं कुरुक्षेत्र है। जो व्यक्ति विषयो मे लिप्त रहता है वही धृतराष्ट्र है।
भगवान श्रीकृष्ण का 56 करोड यदुवंशीयो का परिवार था। दर्पण रूपी मन को सत्संग के माध्यम से सफाई करने की आवश्यकता है। कथा मे श्रीमद भागवत कथा के सभी प्रसंग सुनाकर प्रेरणा लेना चाहिये ।
सात दिवसीय कथा मे महिला मंडल की निर्मला सोहनी ममता सवनेर रत्ना तारे आरती कानूनगो वंदना सोहनी संगीता जोशी प्रतिभा सोहनी प्रतिमा शर्मा सुशीला सवनेर पदमा गिन्नारे पूजा शर्मा संगीता सोहनी इत्यादी महिलाओ का विशेष सहयोग रहा। आयोजको द्वारा कथावाचक तथा संगीतकारो तथा मंच पर उपस्थित ब्राह्मण पंडितो का सम्मान किया गया। महाआरती महा प्रसादी के वितरण के पश्चात कथा का समापन किया गया। महिला मंडल द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
पर्यावरण बचाओ जागरूकता के साथ ही कबीर लोक कल्याण समिति ने बांटे सकोरे

बमनाला मुकेश जायसवाल जयहिन्द न्यूज़। वन्य जीव पक्षियों को भीषण गर्मी में पीने के पानी की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वयं सेवी संस्था कबीर लोक कल्याण समिति भीकनगाव एवं कबीर लोक कल्याण समिति द्वारा बमनाला नगर में आम जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूकता अभियान चलाया। जल संचय, वर्षा जल संग्रहण तथा वृक्षों की सुरक्षा का संदेश दिया।फोरम के प्रदेश अध्यक्ष के बी. मंसारे ने विचार रखते हुए बताया कि आज की स्थिति में तापमान में अत्यधिक वृद्धि तथा असमय मौसम में बदलाव होना पर्यावरण के साथ क्षति पहुंचाने से हुआ है। असमय बारिश, तथा पृथ्वी का क्लाइमैट बदलाव गंभीर परिणाम हैं। इस मौके पर गोपाल मोरे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भील समाज संघ, शिक्षक चैनसिंह डावर, श्यामलाल,कनासे, लीला बाई डावर, पन्नालाल गोलकर आदि उपस्थित रहे। पक्षियों के लिए पचास सकोरो का वितरण किया गया।